Shiv Puja
Somwar Vrat
सोलह सोमवार व्रत कथा
Solah Somwar Vrat – Complete Katha & Puja Vidhi in Hindi
सोलह सोमवार व्रत भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख व्रत है जो लगातार सोलह सोमवार तक किया जाता है। यह व्रत मन की शांति, विवाह सौभाग्य, संतान प्राप्ति और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है। इस पृष्ठ पर सम्पूर्ण पूजा विधि, कथा और प्रत्येक चरण का विवरण उपलब्ध है।
🎙 अभी पूजा शुरू करें — Live Puja Room खोलेंपूजा सामग्री (Puja Samagri)
शिवलिंग / शिव मूर्ति
शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें।
बेलपत्र
शिवजी को बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं। ताजे बेलपत्र अर्पित करें।
कच्चा दूध + जल
अभिषेक के लिए कच्चा दूध और गंगाजल।
धतूरा + आक के फूल
शिव को धतूरा और आक के फूल अर्पित करें।
भस्म / भभूत
त्रिपुंड बनाने के लिए विभूति।
रोली, चंदन, अक्षत
पूजन सामग्री।
दीपक + घी + धूप
दीप अर्पण और धूप अर्पण के लिए।
फल + मिठाई प्रसाद
नैवेद्य के लिए फल और मिष्ठान्न।
पूजा विधि – मुख्य चरण (Puja Vidhi Steps)
- चरण 1प्रातःकाल स्नान और संकल्पसूर्योदय से पूर्व स्नान करें। व्रत का संकल्प लें।
- चरण 2शिव स्थापनाशिवलिंग या मूर्ति को स्वच्छ स्थान पर स्थापित करें।
- चरण 3जलाभिषेकशिवलिंग पर दूध, जल और पंचामृत से अभिषेक करें।
- चरण 4बेलपत्र, पुष्प और भस्म अर्पणबेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और भस्म अर्पित करें।
- चरण 5सोलह सोमवार कथा श्रवणव्रत कथा ध्यान से सुनें।
- चरण 6शिव आरतीॐ जय शिव ओंकारा आरती करें। प्रसाद वितरण करें।
- चरण 7व्रत का पालनदिनभर उपवास करें। शाम को एक बार सात्विक भोजन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सोलह सोमवार व्रत कब से शुरू करें?
किसी भी सोमवार से शुरू किया जा सकता है, लेकिन श्रावण मास में शुरू करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
व्रत में क्या खाएं?
व्रत में फल, दूध, साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू का आटा और सात्विक भोजन ग्रहण करें। लहसुन-प्याज का त्याग करें।
16 सोमवार के बाद क्या करें?
16वें सोमवार को उद्यापन करें — परिवार और ब्राह्मणों को प्रसाद खिलाएं और दक्षिणा दें।