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सत्यनारायण कथा विधि
Satyanarayan Katha – Complete Puja Vidhi in Sanskrit & Hindi

⏱ 45–60 मिनट 📖 5 अध्याय · 18 पूजा चरण 🕉 Sanskrit + Hindi ✅ Beginner Friendly 🎙 Voice Guided

सत्यनारायण व्रत हिंदू धर्म का एक प्रमुख व्रत है जो भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप को समर्पित है। यह व्रत पूर्णिमा के दिन, किसी शुभ अवसर पर, या मनोकामना पूर्ण होने पर किया जाता है। इस पृष्ठ पर सम्पूर्ण पूजा विधि, संस्कृत श्लोक और हिंदी अर्थ उपलब्ध हैं।

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पूजा सामग्री (Puja Samagri)

सत्यनारायण पूजा के लिए निम्न सामग्री तैयार रखें:

चौकी + पूजा वस्त्र
साफ लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
सत्यनारायण फोटो/मूर्ति
सत्यनारायण भगवान की मूर्ति या फोटो स्थापित करें।
कलश + शुद्ध जल
तांबे का कलश जल से भरें। कलश स्थापना के लिए।
आम पत्ते + नारियल
कलश सेटअप के लिए आम के पत्ते और नारियल।
गंगाजल
स्थान शुद्धि और पवित्रीकरण के लिए।
रोली / कुमकुम + हल्दी + चंदन
तिलक और गंध अर्पण के लिए।
अक्षत (चावल)
संकल्प और अक्षत समर्पण के लिए।
पंचामृत
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर – अभिषेक और नैवेद्य के लिए।
शीरा / सूजी हलवा प्रसाद
सूजी या गेहूं के आटे, घी और गुड़/शक्कर से व्रत प्रसाद बनाएं।
दीपक + बाती + घी/तेल
दीप अर्पण और आरती के लिए।
धूप + अगरबत्ती
षोडशोपचार पूजन में धूप अर्पण के लिए।
आरती थाली + कपूर + घंटी
अंतिम आरती और मंगल समापन के लिए।

पूजा विधि – 18 चरण (Puja Vidhi – 18 Steps)

सत्यनारायण कथा – 5 अध्याय (Satyanarayan Katha – 5 Chapters)

अध्याय 1 · Chapter 1
Satyanarayan Katha – Chapter 1
व्रत की महिमा और विधि
संस्कृत श्लोक

एकदा नैमिषारण्ये ऋषयः शौनकादयः। पप्रच्छुर्मुनयः सर्वे सूतं पौराणिकं खलु॥१॥

श्रीव्यासजी ने कहा — एक समय नैमिषारण्य तीर्थ में शौनक आदि अठ्ठासी हजार सभी ऋषियों तथा मुनियों ने पुराण एवं शास्त्र के ज्ञाता सूत जी महाराज से पूछा।

संस्कृत श्लोक

व्रतेन तपसा किं वा प्राप्यते वांछितं फलम्। तत्सर्वं श्रोतुमिच्छामः कथयस्व महामुने॥२॥

ऋषियों ने कहा — हे महामुने! कोई ऐसा तप कहें, कोई ऐसा व्रत कहें, जिससे थोड़े ही समय में पुण्य मिल सके और मनोवाञ्छित फल की भी प्राप्ति हो सके।

संस्कृत श्लोक

नारदेनैव संपृष्टो भगवान् कमलापतिः। सुरर्षये यथैवाह तच्छृणुध्वं समाहिताः॥३॥

सूतजी ने कहा — भगवान कमलापति (विष्णु) ने नारद जी से जो कहा था, वह मैं आपको सुनाता हूं।

अध्याय 2 · Chapter 2
Satyanarayan Katha – Chapter 2
साधु ब्राह्मण और कलावती की कथा
अध्याय 3 · Chapter 3
Satyanarayan Katha – Chapter 3
लकड़हारे और साधु की कथा
अध्याय 4 · Chapter 4
Satyanarayan Katha – Chapter 4
राजा चंद्रकेतु और व्रत की महिमा
अध्याय 5 · Chapter 5
Satyanarayan Katha – Chapter 5
व्रत का फल और महिमा
🎙 पूरी कथा ऑनलाइन सुनें — Sanskrit + Hindi चंटिंग के साथ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सत्यनारायण पूजा कब करें?

सत्यनारायण पूजा पूर्णिमा के दिन, किसी शुभ अवसर पर जैसे गृहप्रवेश, विवाह, नौकरी मिलने पर, या मनोकामना पूर्ण होने के बाद की जाती है। यह किसी भी शुभ दिन की जा सकती है।

सत्यनारायण कथा में कितने अध्याय होते हैं?

सत्यनारायण कथा में कुल 5 अध्याय होते हैं। प्रत्येक अध्याय में भगवान सत्यनारायण की महिमा और विभिन्न भक्तों की कथाएं हैं।

सत्यनारायण व्रत का प्रसाद क्या होता है?

सत्यनारायण व्रत का परंपरागत प्रसाद शीरा (सूजी का हलवा) होता है जो गेहूं के आटे, घी और गुड़/शक्कर से बनाया जाता है। साथ में फल और पंचामृत भी प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं।

क्या सत्यनारायण पूजा घर पर कर सकते हैं?

हां, सत्यनारायण पूजा घर पर बिल्कुल की जा सकती है। ShastriJi AI के Live Puja Room में संस्कृत चंटिंग, हिंदी अर्थ और वॉइस गाइडेंस के साथ पूरी पूजा ऑनलाइन करें।