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Teej Vrat Bhadrapada Shukla Tritiya

हरितालिका तीज व्रत कथा
Haritalika Teej – Complete Vrat Katha & Puja Vidhi in Hindi

⏱ 1 दिन निर्जला व्रत 📖 कथा + रात्रि जागरण 🕉 माता पार्वती–शिव ✅ महिलाओं का प्रमुख व्रत 🎙 Voice Guided

हरितालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला एक प्रमुख महिला व्रत है। इस व्रत में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख और मनोवांछित वर की प्राप्ति होती है।

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पूजा सामग्री (Puja Samagri)

पार्वती-शिव मूर्ति / चित्र
माता पार्वती और शिवजी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
16 श्रृंगार सामग्री
सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, चूड़ी आदि 16 श्रृंगार।
बेलपत्र + तुलसी + पुष्प
शिव-पार्वती को प्रिय बेलपत्र और ताजे फूल।
रेत / बालू की मूर्ति
परंपरा अनुसार रेत से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाकर पूजें।
पंचामृत
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
घी, दीपक, धूप, अगरबत्ती
पूजन सामग्री।
फल, मिठाई, ठेकुआ
नैवेद्य के लिए फल और ठेकुआ प्रसाद।
सुहाग सामग्री
मांग का सिंदूर, बिछिया, पायल।

पूजा विधि – प्रमुख चरण

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हरितालिका तीज कब है?
यह व्रत भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह सामान्यतः अगस्त-सितंबर में आती है।
क्या कुंवारी लड़कियां यह व्रत कर सकती हैं?
हाँ, कुंवारी कन्याएं इच्छित वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत कर सकती हैं।
व्रत में निर्जला रहना जरूरी है?
पूर्ण फल के लिए निर्जला व्रत उत्तम माना जाता है। स्वास्थ्य कारणों से फलाहार की छूट है।