Ganesh Puja
Ganesh Chaturthi
श्री गणेश चतुर्थी पूजा विधि
Ganesh Chaturthi – Complete Puja Vidhi in Sanskrit & Hindi
गणेश चतुर्थी पर घर में गणेश जी की स्थापना और पूजन से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। गणेश जी प्रथम पूज्य हैं — किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजन से होती है। इस पृष्ठ पर सम्पूर्ण स्थापना विधि, षोडशोपचार पूजन, कथा और विसर्जन का क्रम दिया गया है।
🎙 अभी पूजा शुरू करें — Live Puja Room खोलेंपूजा सामग्री (Puja Samagri)
गणेश मूर्ति (मिट्टी)
पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की गणेश मूर्ति।
दूर्वा घास
21 दूर्वा की पत्तियां — गणेश जी को अत्यंत प्रिय।
मोदक + लड्डू
गणेश जी का प्रिय भोग।
लाल फूल और माला
गणेश जी को लाल फूल प्रिय हैं।
सिंदूर
गणेश जी को सिंदूर अर्पित करें।
पंचामृत
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक।
कलश + गंगाजल
कलश स्थापना के लिए।
दीपक + घी + धूप
आरती और पूजन के लिए।
पूजा विधि – प्रमुख चरण
- चरण 1स्थान शुद्धि और कलश स्थापनापूजा स्थान साफ करें। गंगाजल छिड़कें। कलश स्थापित करें।
- चरण 2गणेश स्थापनागणेश मूर्ति को चौकी पर लाल कपड़े के ऊपर स्थापित करें।
- चरण 3प्राण-प्रतिष्ठासंकल्प लेकर मूर्ति में प्राण-प्रतिष्ठा करें।
- चरण 4षोडशोपचार पूजनआसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, चंदन, दूर्वा, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन, ताम्बूल, दक्षिणा — 16 उपचारों से पूजन।
- चरण 5मोदक और दूर्वा अर्पण21 दूर्वा की पत्तियां और मोदक अर्पित करें।
- चरण 6गणेश आरतीजय गणेश जय गणेश देवा आरती करें।
- चरण 7विसर्जन1, 3, 5 या 11 दिन बाद विधि-पूर्वक गणेश विसर्जन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
गणेश चतुर्थी 2026 में कब है?
गणेश चतुर्थी 2026 में 11 सितंबर को है।
किस रंग की मूर्ति स्थापित करें?
मिट्टी की प्राकृतिक रंग की या सफेद/पीली रंग की गणेश मूर्ति शुभ मानी जाती है।
गणेश पूजा में किन चीजों का प्रयोग वर्जित है?
तुलसी पत्र गणेश जी को नहीं चढ़ाते। केतकी (केवड़े) के फूल भी वर्जित हैं।